We as a civilization hold a strong base and in future we will try to develop a new version of society with a good vision.
Vedic call back in form and we again start loving humanity then anything else.
Sunday, July 21, 2013
Tuesday, July 9, 2013
Live life
न म स्का र प्रिय जनो ....
अनंत दुखो से लिप्त ये मन अब स्वछन्द उड़ान को चला .
हर पल का दुःख भावनाओ की वो खान है जो की आपको दिन पर्तिदिन कमजोर करता जाता है .
हम हर पल वस्तुओ के बारे और उनके सम्भोग के बारे में ही सोचते रहते है .
हमारा स्वयं का मन इतना उथल पुथल में लगा रहता है की हम परम पिता परमेश्वर के धयान को भूल कर बस भोग विलास की चीजो में ही व्यस्त रहते है .
बस इश्वर से ये प्राथना है की सभी प्राणी अपने जीवन को दूसरो के प्रति सदेव निस्स्वार्थ भावना से से समर्पित रखे और अपने सभी कर्मो को इश्वर का मान जीवन की अवधी को पूरा करे. हम सभी हर संभव तरीके से अपने आप को हर बुराई से बचने की चेष्टा करते है पर सफल नहीं हो पाते .इसलिए कोशिश करते रहे.
हरि ओम ......ॐ शान्ति
अनंत दुखो से लिप्त ये मन अब स्वछन्द उड़ान को चला .
हर पल का दुःख भावनाओ की वो खान है जो की आपको दिन पर्तिदिन कमजोर करता जाता है .
हम हर पल वस्तुओ के बारे और उनके सम्भोग के बारे में ही सोचते रहते है .
हमारा स्वयं का मन इतना उथल पुथल में लगा रहता है की हम परम पिता परमेश्वर के धयान को भूल कर बस भोग विलास की चीजो में ही व्यस्त रहते है .
बस इश्वर से ये प्राथना है की सभी प्राणी अपने जीवन को दूसरो के प्रति सदेव निस्स्वार्थ भावना से से समर्पित रखे और अपने सभी कर्मो को इश्वर का मान जीवन की अवधी को पूरा करे. हम सभी हर संभव तरीके से अपने आप को हर बुराई से बचने की चेष्टा करते है पर सफल नहीं हो पाते .इसलिए कोशिश करते रहे.
हरि ओम ......ॐ शान्ति
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